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इति , मिती दो बहनें और चुडैल की कहानी



इति , मिती दो बहनें और चुडैल की कहानी
इति , मिती दो बहनें और चुडैल की कहानी :
एक बार  की बात हैैैै एक  गांव में  दो बहनें इति और मिती अपनी मां साथ एक झोपड़ी में रहती थी । वोलोग के घर के पास एक जामुन का पेड़ भी था और कहा जाता था कि उस जामुन पेड़ में चुडैल रहती थी। इति , 
मिती की मां घर चलाने लिए बाजार में सब्जी बेचती थी मगर वह स्याम होने से पहले घर लोट अती थी । 
             
इति , मिती दो बहनें और चुडैल की कहानी
एक बार उसकी मां को घर आने में देर हो गई बहनें चिंतीत थी । तभी दरवाज़े खटखटाने की आवाज अयी इति ने जा कर दरवाजा खोला तो देखा कि मां है । मां थकी लग रही थी तो मिती ने कहा कि मां लाओ मैं तुम्हारे पैर दबा देती हूं , मिती जैसे पैर दबाने लगी तो उसे मां के पैर उल्टे दिखाए दिए और साथ उस पर लंबे - लंबे बाल और पैरों मे लंबे - लंबे नाखून थे मिती डर गई मगर वो समजदार थी वो मां से बोली मां मेरी पेट खराब लग रही है मुझे बाथरूम जाना है , तो मां बोली जाओ तो वो बोली अकेले डर लगता है में इति को भी साथ ले जाती हूं , मां ने तुरंत हामी भर दी ।  फिर मिती इति को लेकर अपने घर के पीछे रास्ते से भाग गई और सारे गांव वालों को इस बारे में बताया गांव वाले तुरंत जमा हो गए और चुडैल को मारने लिए इति मिती के घर में आग लगा दिया । घर के साथ चुडैल भी जल के ख़तम हो गई । थोड़ी देर बाद इति मिती की मां घर वापस आयी , मां ने बताया की आज बाजार में भीड़ बहुत थी इसलिए सब्जी बेचने में देर हुई फिर इति ने भी चुडैल की कहानी पूरी मां को बताई । मां डर गई और साथ भगवान का शुक्रिया भी किया कि उनकी बेटियों को कुछ नहीं हुआ । मां ने यह वादा भी किया कि अब वो बाज़ार से घर आने में कभी देर नहीं करेंगी । मगर सबके मन में अब सानती थी अब जामुन पेड़ में कोई भूत नहीं हैं ।

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